खेत खलिहानों के बीचों बीच
खड़े होकर देखा आकाश को
अद्भुत प्रयास था धरती को छूने का
अथक पर असफल
क्या मेरे साथ भी ऐसा होगा कल ?
बताओ ना...
क्या हर बार प्यार में ऐसा ही होता है ?
शायद हर लम्हा हर पल
इसीलिए तो कहता हूँ ,
मत दो इस रिश्ते को कोई नाम
और जीता हूँ
चुपचाप...
रिश्ता ये अनाम
this is beautiful vikas :)
ReplyDeleteundontional love..jaha shartein nahi.. :)