Thursday, December 18, 2014

मौन स्वीकृति

सोते हुए तुम्हारा चेहरा बहुत अच्छा लगता है,
मेरी हर बात पर तुम्हारी मौन स्वीकृति...
चाँद सुन्दर है, तुम सुन्दर हो,
दुनिया सुन्दर है,
मैं उतना सुन्दर नहीं हूँ.
भगत सिंह बहुत अच्छे थे, गांधी जी भी बहुत अच्छे थे,
मैं उतना अच्छा नहीं हूँ.
फिर अचानक तुम कहती हो कि सो गयी हो तुम.
मेरे भगत, मेरे गांधी, मेरी खूबसूरत दुनिया,
और थोड़ा कम खूबसूरत मैं,
हम सब सो जाते हैं साथ-साथ.

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