यादें जब से याद रहने लगीं,
तब से याद है चाँद
याद है मुझे,
कि पहले वो सिर्फ मेरा था
उसकी ठंढी रौशनी,
सिर्फ मेरे लिए धरती तक आती थी
मेरे ही पीछे पड़ा रहता था,
चेपू साला
कहीं भी जाऊं, वो मेरे साथ होता था
तो चलो...
मुझे भी प्यार हो ही गया उससे
पर भला हो उन किताबों का,
जिन्होंने मुझे चाँद कि सच्चाई बताई
उम्र करोड़ वर्ष,
आकार
मेरी कल्पनाओं से कहीं ज्यादा बड़ा,
और इससे कहीं बड़ी बात
की वो मेरे नहीं,
धरती के चारों ओर घूमता है
उसकी सारी शीतलता,
धरती की गर्मी के लिए है
मैं ठगा सा खड़ा हूँ सब कुछ जान कर
चाहता तो हूँ कि चाँद का इतिहास मिटा दूं
उसे आज पैदा करूँ, सिर्फ अपने लिए,
या फिर मान लूं कि किताबें झूठी हैं
सच वही है जो मैंने जिया है.
तब से याद है चाँद
याद है मुझे,
कि पहले वो सिर्फ मेरा था
उसकी ठंढी रौशनी,
सिर्फ मेरे लिए धरती तक आती थी
मेरे ही पीछे पड़ा रहता था,
चेपू साला
कहीं भी जाऊं, वो मेरे साथ होता था
तो चलो...
मुझे भी प्यार हो ही गया उससे
पर भला हो उन किताबों का,
जिन्होंने मुझे चाँद कि सच्चाई बताई
उम्र करोड़ वर्ष,
आकार
मेरी कल्पनाओं से कहीं ज्यादा बड़ा,
और इससे कहीं बड़ी बात
की वो मेरे नहीं,
धरती के चारों ओर घूमता है
उसकी सारी शीतलता,
धरती की गर्मी के लिए है
मैं ठगा सा खड़ा हूँ सब कुछ जान कर
चाहता तो हूँ कि चाँद का इतिहास मिटा दूं
उसे आज पैदा करूँ, सिर्फ अपने लिए,
या फिर मान लूं कि किताबें झूठी हैं
सच वही है जो मैंने जिया है.
waw
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